Wednesday, January 29, 2014

जिया अमेरिकी नागरिक थी

जिया खान की मां रबिया का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या से नहीं , मर्डर से हुई और इस मामले में उन्होंने एफबीआई से मदद मांगी। रबिया ने एफबीआई से इसलिए मदद मांगी, क्योंकि उन्हें लोकल जुहू पुलिस पर भरोसा नहीं है, जिसने कुछ दिनों पहले जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज के खिलाफ चार्जशीट तक दाखिल कर दी। विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि जिया खान केस में एफबीआई चाहकर भी कुछ नहीं कर सकती, यदि जुहू पुलिस इस मामले में खुद एफबीआई से मदद के लिए कोई पहल नहीं करती।

जिया अमेरिकी नागरिक थी, इसलिए उसकी मां ने भारत में अमेरिकी राजदूत को पत्र लिखकर अपनी पुत्री की मौत की फिर से जांच में एफबीआई की सहायता मांगी थी। अमेरिका राजदूत ने यह पत्र अमेरिकी गृहमंत्रालय को भेज दिया था। वहां से यह पत्र फॉरवर्ड होकर एफबीआई के पास पहुंचा। एफबीआई ने मदद की पेशकश वाला लेटर इंटरपोल के मार्फत भारत में इंटरपोल की नोडल एजेंसी सीबीआई को फॉरवर्ड कर दिया और फिर सीबीआई से सोमवार को मुंबई क्राइम ब्रांच को यह लेटर भेजा गया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब जुहू पुलिस को यह लेटर भेज रही है। कुल मिलाकर बात वहीं घूम कर आ गई, जहां से शुरू हुई थी।
जिया की मां ने काफी दिन पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में भी यह कहते हुए अप्लिकेशन दी थी कि जिया का मर्डर हुआ है और पुलिस को इस ऐंगल से मामले को जांच करने को कहा जाए। जुहू पुलिस ने जवाब में मर्डर की नहीं, सूइसाइड के लिए उकसाने का आरोपपत्र सूरज पंचोली के खिलाफ दायर किया, इसलिए एफबीआई के मदद के लेटर से जिया खान केस में कुछ फर्क पड़ेगा, कई पुलिस वालों को ऐसा लगता नहीं।

Wednesday, January 15, 2014

बेस्ट के 40 रुपये के पास आने के बाद इस मद से कमाई आधे से भी कम

बेस्ट के 40 रुपये के पास आने के बाद इस मद से कमाई आधे से भी कम हो गई है। बेस्ट के लोकप्रिय डेली पास के बढ़े किराए और जटल प्रक्रिया ने आम लोगों की इससे दूरी बढ़ा दी है। आरटीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 25 रुपये वाले डेली पास को 40 करने के बाद इसकी बिक्री में जोरदार गिरावट आई है। बेस्ट के बढ़ते बोझ के बीच इस तरह के आंकड़े तो निश्चित तौर पर सोच में डालने वाले हैं। आरटीआई आंकड़ों के अनुसार, 10 महीनों में बेस्ट के डेली पास से 200 करोड़ से ज्यादा मिले। वहीं, 40 रुपये वाले पास से 17 महीने में इसकी आधी इनकम भी नहीं हुई। आंकड़े 2011 से मार्च 2013 के बीच के हैं। 
बेस्ट अपने यात्रियों को बढ़ाने के लिए डेली पास स्कीम शुरू की थी। इसमें 15, 25, 40 रुपये के पास जारी किए जाते थे। यह सब अलग- अलग कैटेगिरी के लिए थे। बेस्ट ने इसके बाद इन सबको बंद करके 40 रुपये डेली पास शुरू किया। साथ ही इसके लिए आईडी कार्ड भी अनिवार्य भी कर दिया। इससे बेस्ट के डेली पास पैसेंजरों में काफी गिरावट देखने को मिली। 

Monday, January 13, 2014

भविष्य तय करेंगे 1 करोड़ 5 लाख नए यंग वोटर- महाराष्ट्र

इस साल अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे 1 करोड़ 5 लाख नए यंग वोटर। महाराष्ट्र में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले यंग वोटर का यह नया रेकॉर्ड होगा। इतनी बड़ी तादाद में यंग वोटरों द्वारा अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराए जाने का एकमात्र साफ संकेत यह है कि इस बार महाराष्ट्र की राजनीति में निश्चित ही बदलाव होगा, लोकसभा चुनाव में होने वाले इस बदलाव का सीधा असर अक्टूबर तक होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी असर डालेगा। 
महाराष्ट्र में इस समय लगभग 8 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं। 2009 की वोटर लिस्ट के मुकाबले में यह तादाद बहुत ज्यादा है। इतनी बड़ी संख्या में यंग वोटर्स का खुद को रजिस्टर्ड कराने के दो बड़े प्रमुख कारण हैं। पहला तो यह है कि वोटर कार्ड एक आवश्यक दस्तावेज बन गया है और दूसरा बड़ा कारण है लोगों में राजनीतिक हालात को बदलने के लिए आई जागरूकता। अन्ना हजारे के आंदोलन, पॉलिटिकल पार्टियों में युवाओं को जोड़ने की होड़ और सरकार को वोटर बनाओ अभियान इसके अन्य कारण हैं।
 
अगर पूरे देश की बात करें तो देश भर में पहली बार वोट डालने वाले वोटरों की संख्या तकरीबन 12 करोड़ है। यह संख्या पिछले लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को मिले कुल वोटों से भी ज्यादा है। सबसे ज्यादा यंग वोटर वाले प्रदेशों में महाराष्ट्र नंबर दो पर है। वोटर लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में 18 साल की उम्र के जो 1 करोड़ 5 लाख वोटर पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें उनकी संख्या महाराष्ट्र के कुल मतदाताओं की 13.2 फीसदी है।
 

Friday, January 10, 2014

'आम आदमी पार्टी' (आप) और एमएनएस की तुलना हास्यास्पद

राज ठाकरे की पार्टी एनएनएस ने स्पष्ट किया है कि वह नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं रखती है, मगर उनका भला चाहने के लिए आत्महत्या नहीं करेगी। पार्टी के उपाध्यक्ष और राज ठाकरे के करीबी डॉ. वागीश सारस्वत ने पार्टी की तरफ से यह सफाई दी है।
सारस्वत शिवसेना-बीजेपी व साथी दलों की 'महायुति' में शामिल होने की संभावना पर वक्तव्य दे रहे थे। उन्होंने यह माना कि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से राज ठाकरे के करीबी रिश्ते हैं, मगर कहा कि हम किसी का भला चाहते हो, तो इसका मतलब यह नहीं की हम आत्महत्या कर लें। हमने कभी नहीं कहा कि हम बीजेपी या किसी और पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे। अभी तक हमें बीजेपी की ओर से औपचारिक गठबंधन का कोई आमंत्रण भी नहीं मिला है।
पार्टी फोरम में इस मसले पर विचार किया जा रहा है। गठबंधन के मामले में आखिरी फैसला राज ठाकरे ही करेंगे। फिलहाल की परिस्थितियों को देखकर तो मैं यही कहूंगा कि हमें अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए।
महाराष्ट्र में 'आम आदमी पार्टी' (आप) और अपनी पार्टी एमएनएस की तुलना को उन्होंने हास्यास्पद बताया। एनएनएस उपाध्यक्ष ने कहा कि 'आप' केवल दूध के उबाल की तरह है। राज ठाकरे महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। यहां की जनता राज ठाकरे के नेतृत्व से भीतरी जुड़ाव महसूस करती है। भले ही भीतरी करंट का वो तार दिखाई न दे, लेकिन वह राज साहब से बेहद गहराई से जुड़ा हुआ है। हम महाराष्ट्र की आवाम के हित के मुद्दे उठाते हैं और मुद्दों से ही भावनाएं जुड़ी होती हैं। आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र में मुंह के बल गिरेगी, यह तय है।
इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक विस्तार करने के मंसूबों का उन्होंने मखौल उड़ाया। उन्होंने कहा, हम नहीं मानते कि आम जनता राजनीतिक तौर पर सोशल मीडिया से प्रभावित होती है। यह वास्तविक दुनिया से कोसों दूर है। राज ठाकरे न फेसबुक पर हैं और न ट्वीटर पर। वे लोगों से सोशली जुड़े हैं, न कि सोशल मीडिया से।
अमिताभ बच्चन को एमएनएस के मंच पर बुलाने का उन्होंने समर्थन किया। सारस्वत ने कहा, अमिताभ बच्चन मराठी सीख रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत भी मराठी से ही की थी। उन्होंने महाराष्ट्र को अपनी कर्मभूमि माना है। मनसे ने सिनेमा के उपेक्षित वर्ग का सम्मान किया, जिसके लिए अमिताभ बच्चन वहां पर आए। उन्होंने बताया कि एमएनएस के लेकर उत्तर भारतीयों के मन में फैलाई गई भ्रांतियों के दूर करने के लिए उनकी पार्टी अभियान चलाएगी।
 

Wednesday, January 8, 2014

आम आदमी पार्टी- के बाद अब कांग्रेस भी जुटी रियायत की होड में

आम आदमी पार्टी ने जब से दिल्ली के लोगों को बिजली और पानी में रियायत लागू की है, तब से कांग्रेस के अंदर ही अंदर जनता को तरह-तरह की छूट देने की मांग उठने लगी है। कांग्रेस के सांसद संजय निरुपम ने अब रियायत दर पर दी जाने वाले कुकिंग गैस सिलेंडर (एलपीजी) की संख्या 9 से बढ़ाकर 12 करने की मांग की है।
इसके लिए उन्होंने पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री विरप्पन मोईली को पत्र भी लिखा है। इससे पहले निरुपम ने दिल्ली की तर्ज पर मुंबई में भी बिजली का रेट कम करने की मांग सरकार से की थी। उनकी वह मांग अब भी कायम है।
रेट कम करने के लिए 13 जनवरी को कांदिवली में आंदोलन करने की धमकी दी है। निरुपम के आंदोलन को कांग्रेस की सांसद प्रिया दत्त ने भी समर्थन किया है, वहीं मुंबई के कई विधायक भी आंदोलन में शामिल होंगे।
 

Tuesday, January 7, 2014

मुंबईकरों को ठंड का अहसास

यूं तो इस बार ठंड के सीजन से ठंड नदारद रही, लेकिन सोमवार का दिन मुंबईकरों को ठंड का बखूबी अहसास करा गया। अलसुबह अपनी दिनचर्या शुरू करने वाले लोगों ने खूब सिहरन महसूस की, तो लोकल ट्रेनों पर विंडो सीट पकड़ने की ललक जाती रही। मौसम विभाग ने इसे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और नॉर्दर्नली विंड का असर बताया, तो डॉक्टरों ने इस बदलाव में सतर्क रहने की हिदायत दी है।
मौसम के लिहाज से सोमवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, जब सांताक्रुज मौसम विज्ञान केंद्र में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री और कोलाबा में 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से 3 डिग्री नीचे रहा, जबकि एक दिन पहले ही तापमान सामान्य से 2 डिग्री अधिक था।
एक दिन में तापमान का 5 डिग्री तक गिरना मुंबईकरों को सिहरा गया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाएं गुजरात होते हुए महाराष्ट्र पहुंची, जिसका असर मुंबई के मौसम पर पड़ रहा है। आने वाले एक-दो दिनों तक मौसम का कमोबेश यही हाल रहेगा, फिर धीरे-धीरे ईस्टर्नली विंड असर दिखाना शुरू करेगी और तापमान सामान्य हो जाएगा।

Thursday, January 2, 2014

आदर्श सोसायटी घोटाले पर रुख थोड़ा सा कड़ा



महाराष्ट्र सरकार ने आदर्श सोसायटी घोटाले पर अपना रुख थोड़ा सा कड़ा किया है। हांलाकि इस घोटाले में दोषी ठहराए गए चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, विलासराव देशमुख (दिवंगत), सुशील कुमार शिंदे और शिवाजीराव निलंगेकर पाटील समेत कुल सात नेताओं पर किसी तरह की कार्रवाई करने का संकेत नहीं दिया है। अफसरों को बख्शा नहीं गया है। इस मामले में सीबीआई ने जिन पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, उनके अलावा सरकार अपनी तरफ से किसी पर भी क्रिमिनल केस दायर नहीं करेगी।
खारिज रिपोर्ट को किया आंशिक स्वीकार 15 दिन पहले जिस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया था, उसके कुछ हिस्से राज्य मंत्रिमंडल ने 'आंशिक तौर' पर स्वीकार कर लिए। आदर्श सोसायटी में जे.ए. पाटील आयोग ने जिन 25 सदस्यों को अवैध ठहराया था, उन पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने की घोषणा मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने की। जो 22 फ्लैट आयोग ने बेनामी ठहराए थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने का आदेश दिया। सोसायटी की अवैध मंजिलें तोड़ने के आदेश एक दिन पहले दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने प्रेस को दी।
जमीन अलॉट करवाने, साथ लगी सड़क की जमीन हथियाने, बेस्ट बस सर्विस का प्लाट कब्जे में लेने, हाइराइज बिल्डिंग कमिटी की परमिशन में हेरफेर और समुद्र से लगी जमीन पर केंद्र से सीआरजेड परमिशन न लेने जैसी कई गड़बड़ियां आयोग ने गिनवाई हैं। इन सभी पर महाराष्ट्र रीजनल टाउन प्लानिंग ऐक्ट के तहत कार्रवाई करने के आदेश नगरविकास और पर्यावरण विभाग को दिए गए हैं। चूंकि मुख्यमंत्री खुद नगरविकास मंत्री हैं, इसलिए कोर्ट में जाने से पहले इस मामले की पहली सुनवाई उनके सामने होगी। 

Wednesday, January 1, 2014

शुभकामनायें

साथियों,

जो बीत गया , उसे भूल जाने में सकून मिलता है , इसलिए 2013 को भूल जाओ ।

2014 का अभिनंदन , सभी पाठकों को हमारी ओर से  परिवार सहित नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।