Thursday, July 19, 2012

सुपर स्टार राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा शुरू

बॉलिवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जब अंतिम सांस ली तो उनके आखिरी शब्द थे,'टाइम अप हो गया- पैक अप!

Tuesday, July 12, 2011

नौकरी गंवाने वाले कपड़ा मिल कामगारों को जल्द से जल्द आवास मिलने चाहिए।

शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि 1980 में हुई हड़तालों के बाद नौकरी गंवाने वाले कपड़ा मिल कामगारों को जल्द से जल्द आवास मिलने चाहिए। उन्होंने ये बातें मिल कामगार संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसके पास इन कामगारों के लिए तो आवास नहीं हैं , मगर शहर में अवैध रूप से दाखिल होने वाले बांग्लादेशी नागरिकों तथा अन्य लोगों के लिए हैं। उद्धव ने कहा कि वे इन लोगों की मांग को विधानसभा व लोकसभा में भी उठाएंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के मुंबई में रह रहे अपने राज्य के लोगों के लिए स्थायी आवास की मांग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

Tuesday, July 5, 2011

डायरेक्टर-प्रड्यूसर रामगोपाल वर्मा ने कहा है कि वह अपनी अगली फिल्म में मारिया को बतौर हिरोइन मौका देना चाहते हैं।

शिवसेना और एमएनएस ने चेतावनी दी है कि नीरज ग्रोवर हत्या मामले की दोषी मारिया सुसैराज को मौका देने वाले फिल्म निर्माताओं और टेलिविजन चैनलों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। गौरतलब है कि डायरेक्टर-प्रड्यूसर रामगोपाल वर्मा ने कहा है कि वह अपनी अगली फिल्म में मारिया को बतौर हिरोइन मौका देना चाहते हैं। इसके साथ ही मारिया के बिग बॉस के अगले सीजन में हिस्सा लेने का लेकर भी चर्चाएं थीं। लेकिन इस रिऐलिटी शो का प्रसारण करने वाले कलर्स चैनल ने इन अटकलों को कल खारिज कर दिया है। रामगोपाल वर्मा के ऑफर पर शिवसेना समर्थक भारतीय चित्रपट सेना के अध्यक्ष अभिजीत पनसे ने कहा, 'वर्मा एक बड़े डायरेक्टर हैं। लेकिन उनकी फिल्में नहीं चल रही हैं इसलिए वह प्रचार के ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।' पनसे ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी फिल्म प्रड्यूसर ने मारिया को अपनी फिल्म में लिया तो उसे शिवसेना स्टाइल के विरोध का सामना करना पड़ेगा। रिऐलिटी शो में मारिया को मौका देने पर उन्होंने कहा, 'टेलिविजन शो में आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को मौका देने का चलन चल पड़ा है, जैसे बिग बॉस-4 में बंटी चोर को मौका दिया गया था।' महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सिने वर्कर्स असोसिएशन ने भी मारिया को बिग बॉस में मौका देने का विरोध किया। असोसिएशन के अध्यक्ष अमेय खोपकर ने कहा, 'मारिया कीआपराधिक पृष्ठभूमि है। इसलिए हम उसे फिल्मों में नहीं देखना चाहते।'

Monday, July 4, 2011

महंगाई ने खाना-पीना और जीना सब मुश्किल कर दिया

महंगाई ने खाना-पीना और जीना सब मुश्किल कर दिया है। ऊपर से मॉनसून का इफेक्ट किचन के बजट को डांवाडोल किए दे रहा है। मॉनसून में सब्जियों की आवक घटने से किचन में सब्जियों की कमी तो महसूस की ही जा रही है, लेकिन जो सब्जी आ भी रही है उसके लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं। कौन सी सब्जियों के दाम बढ़े हैं, किस-किस सब्जी के दाम घटे हैं और किस के दाम स्थिर हैं इसी पर पेश है वाशी की थोक सब्जी मंडी से हमारी रिपोर्ट:- बरसात का मौसम आ जाने से जहां कुछ सब्जियों के भाव काफी कम कम हो गए हैं, तो कई सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। वाशी थोक मंडी में इस दिनों रोज करीब 400 से 500 गाडि़यों में सब्जियों की आवक हो रही है। वाशी थोक मंडी के व्यापारी ज्ञानेश्वर ढेंबरे के अनुसार जिन सब्जियों पर बरसात की मार पड़ी है, उनके दाम लगभग 40 से 50 फीसदी बढ़ गए हैं और जिन सब्जियों की आवक बढ़ गई है, उनके दाम 20 से 30 फीसदी तक कम हो गए हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि कम मात्रा में आ रही सब्जियों के दाम अभी और ऊपर उठेंगे। वाशी थोक मंडी से ठाणे शहर के कई उपनगरों में सब्जी लाकर बेचने वाले खुदरा व्यापारी लालजी राजाराम गुप्ता ने बताया कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से खुदरा व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। ऊपर से सेल्स-मैन की कमी और उनका भी लगातार बढ़ता खर्च बजट बिगाड़ देता है। नहीं बिक सकीं सब्जियों को फेंकने से भी खुदरा कारोबारियों को घाटा उठाना पड़ता है। यदि सरकार जगह-जगह कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर दे, तो नुकसान को कम किया जा सकता है। बारिश की मार से जिन सब्जियों की आवक थोक मंडी में घट गई है, उनमें ककड़ी, लौकी, टमाटर, धनिया, फूल गोभी, पालकी, मेथी, प्याज, सूरन, भिंडी, शिमला मिर्च और हरी मटर जैसी सब्जियां शामिल हैं। थोक व्यापारियों के अनुसार जल्द ही यदि इन सब्जियों की आवक नहीं बढ़ी, तो कीमतों में फिर से 20 से 40 फीसदी तक की वृद्धि हो जाएगी। इस समय जिन सब्जियों की पर्याप्त मात्रा में आवक हो रही है , उनमें गाजर , बैंगन , शेंगा ( सहिजन ), कोंहड़ा ( भोपला ) लाल , परवर कलकत्ता , घेवडा हरा और गवार शामिल हैं। व्यापारियों के अनुसार यदि मांग और आपूर्ति में संतुलन इसी तरह बना रहा , तो इनके दाम भी या तो स्थिर रहेंगे , या फिर घट जाएंगे। तोंडली ( कुनुरु ), पापड़ी , बींस , अदरक , करेला , चवली , कच्ची मूंगफली , तरोई , नेनुआ ( गलका ) आदि सब्जियां शामिल हैं। फिलहाल , इन सब्जियों के भाव थोक मंडी में स्थिर रहने की स्थिति दिख रही है।

Wednesday, June 29, 2011

सोने-चांदी का व्यवसाय करने वाले जूलर्स को पुलिस सुरक्षा देने का आश्वासन

महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर. पाटील ने सोने-चांदी का व्यवसाय करने वाले जूलर्स को पुलिस सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। मंत्रालय में उनसे मिलने पहुंचे 'सराफ मर्चेंट्स असोसिएशन' को गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस सुरक्षा पाने के लिए संबंधित व्यापारी को सरकारी फीस भरनी होगी। उन्होंने कलेक्टरों और जिला पुलिस अधीक्षकों के पास प्रलंबित जूलर्स के रिवॉल्वर लाइसेंस मामलों की समीक्षा कराने के भी निर्देश दिए। गृह मंत्री ने जूलर्स को सी.सी. टीवी लगाने की सलाह दी। साथ ही हर जिले में जूलरों की समस्याओं के निवारण के लिए समिति गठित करने की भी घोषणा की।

Monday, June 20, 2011

जल जमाव के लिए एमएमआरडीए जिम्मेदार

बीएमसी कहती है कि मॉनसून में होनेवाले जल जमाव के लिए एमएमआरडीए जिम्मेदार है। एमएमआरडीए के मोनो रेल और स्कायवॉक प्रॉजेक्ट जिम्मेदार हैं। सड़कों पर इन्हीं का काम चल रहा है जिसकी वजह से जल जमाव होता है। बीएमसी का कहना है कि उसने अपने हिस्से की 98.99 पर्सेंट नाला सफाई पूरी कर ली है, लेकिन विपक्ष ने बीएमसी की इस रिपोर्ट को बकवाक बताते हुए स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। एमएमआरडीए के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री हैं और बीएमसी में शिवसेना-बीजेपी की सत्ता है। दो सप्ताह पहले स्थायी समिति की बैठक में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि नाला सफाई का काम सही ढंग से नहीं कराया गया है जिससे शहर में पानी भर रहा है। नाला सफाई के बारे में बीजेपी ने भी श्वेत पत्रिका जारी करने की मांग की थी। प्रशासन ने श्वेत पत्रिका जारी करने की बजाय 17 पेज की रिपोर्ट पेश की है जिसमें उन्होंने सभी सदस्यों के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो साल में नाला सफाई पर 152.80 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। इस साल के लिए 76.40 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नाला सफाई के बारे में बीएमसी का प्लान है कि मॉनसून से पहले 70 प्रतिशत नाला सफाई, बारिश के दरमियान 20 प्रतिशत और बारिश के बाद 10 प्रतिशत नाला सफाई की जाती है। बीएमसी प्रशासन की माने तो मॉनसून से पहले नाला सफाई के 70 फीसदी काम में से 98.99 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने चुपके से रिपोर्ट पेश की। इससे सदस्यों को पढ़ने का अवसर ही नहीं मिला। विरोधी पक्ष नेता राजहंस सिंह ने रिपोर्ट को कोरी बकवास बताते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उनका आरोप है कि यह पूरी रिपोर्ट ही गलत है। उनका कहना है कि प्रशासन ने महानगर में पानी भरने के लिए एमएमआरडीए को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हिंदमाता, कुर्ला, एलबीएस मार्ग, भाडुंप, बोरिवली, विलेपार्ले व अन्य क्षेत्रों में कौन सा एमएमआरडीए का काम चल रहा है जहां घुटने भर पानी जमा हो रहा है। विपक्ष अगली बैठक में इसी मुद्दे पर प्रशासन से जवाब तलब करने वाला है।

Thursday, June 16, 2011

मुस्लिम जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ दिलाने की पेशकश

महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विकास मंत्री मोहम्मद आरिफ नसीम खान ने मेहतर , कसाब , बक्कर , जतकर , गारुडी - मदारी , कलाकार , नाईकन , मुक्री , बहना जैसी मुस्लिम जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ दिलाने की पेशकश की है। मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री खान ने अधिकारियों को इसके लिए सिलसिलेवार कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में आदेश जारी किया गया कि सामाजिक न्याय विभाग इन जातियों को लेकर डॉ . बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन संस्था के माध्यम से रिपोर्ट मंगवाए , ताकि उसे मंजूरी के लिए राज्य के मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सके। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार इसे अमल के लिए केन्द्र सरकार के पास भेज सकेगी। श्री खान ने जानकारी दी कि राज्य की ओबीसी सूची में शामिल मुसलमान समाज की 115 जातियों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है मगर अनुसूचित जाति के मुसलमान अभी तक आरक्षण के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने मुस्लिम ओबीसी वर्ग को जाति प्रमाण पत्र मिलने में हो रही दिक्कतें दूर करने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों को जातियों की बारीकियां समझाने के लिए बाकायदा वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। इस तरह का पहला वर्कशॉप कोकण विभाग के राजस्व , सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक विकास विभाग के अधिकारी और मुस्लिम ओबीसी संघटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। मंगलवार की बैठक में अल्पसंख्यक विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती टी . एफ . थेक्केकरा , सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव पी . एस . मीना , सामाजिक न्याय विभाग के सह सचिव ज . न . राठोड , राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हाजी शौकत भाई तांबोली , अनुसूचित जाति जमाती आयोग के सदस्य सचिव रमेश शिंदे , राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सचिव एस . ई . ए . हाशमी आदि ने भाग लिया।