Wednesday, April 17, 2013

जेल में रहकर भी महाराष्ट्र के गृह विभागका मंत्री पद चलाना पड़ा तो सौभाग्य


 कर्नाटक की जेल में रहकर भी महाराष्ट्र के गृह विभागका मंत्री पद चलाना पड़ा तो मैं इन्हें अपना सौभाग्य मानूंगा।गृहमंत्री आर आर पाटिल ने बुधवार को विधानपरिषद में यहबात कही। विपक्ष की ओर से सीमा - विवाद के मुद्दे पर 'साहसिक बयान ' देने के लिए उनके अभिनंदन का प्रस्ताव रखागया था। पाटील इसी का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा किप्रदेश की अस्मिता और सम्मान के लिए वे जेल जाने से भीपीछे नहीं हटेंगे। 

उन्होंने
 कहा कि दोनों राज्यों में तनाव को जन्म देना उनकाउद्देश्य नहीं था। कर्नाटक के लोग मराठी भाषी जनता को पहले से सहयोग देते  रहे है। पाटिल ने चुनावआयोग और कर्नाटक की जनता से उनके बयान को गंभीरता से समझने की अपील की। 

शिवसेना
 नेता दिवाकर रावते ने बुधवार को सदन में बेलगांव विवाद मुद्दे पर आर आर पाटिल के लिएअभिनन्दन प्रस्ताव पेश किया। जिस पर सभी दलों के सदस्यों ने पाटिल की भूरी - भूरी प्रशंसा की। उपसभापतिवसंत डावखरे ने भी साहसिक बयान के लिए पाटिल की तारीफ की। गौरतलब है कि कर्नाटक के बेलगांव में एककार्यक्रम के दौरान की गयी टिप्पणी के लिए कर्नाटक सरकार ने पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

Monday, April 15, 2013

कोई नाटक नहीं।


महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर ' पेशाब ' संबंधीअपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे राज्यके उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सतारा जिले के कराड मेंदिवंगत यशवंतराव चव्हाण के स्मारक पर रविवार को दिनभर का ' आत्म - क्लेश ' ( प्रायश्चित ) उपवास किया। अजितने संवाददाताओं से कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिएउपवास कर रहे हैं , कोई नाटक नहीं। 

अजित
 के चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवारको भतीजे की टिप्पणियों को अनुचित बताया था। अजितअपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए यों तो पहले ही माफी मांग चुके हैं , लेकिन विरोधी दलों शिवसेना , बीजेपीऔर एमएनएस ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से राज्य विधायिका की कार्यवाही ठप कररखी है। 

एनसीपी
 प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए कहा , ' उन्होंने तहेदिल से अपनीगलती स्वीकार कर ली है। वे संवदेनशील हैं , इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ। '

Thursday, April 4, 2013

सभी प्रमुख शहरों में मेट्रो शुरू करने का सरकार का इरादा है

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है किराज्य के सभी प्रमुख शहरों में मेट्रो शुरू करने का सरकार काइरादा है। विधानपरिषद में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने यहघोषणा की। उन्होंने यह तथ्य दोबारा रेखांकित किया कि अगलेकुछ महीनों में मुंबई की पहली मेट्रो सेवा घाटकोपर से वर्सोवाके बीच दौड़ने लगेगी। 
मुख्यमंत्री
 ने सदन को बताया कि मुंबई में मेट्रो का निर्माणजारी है। 

जबकि
 पुणे , नागपुर और ठाणे में मेट्रो शुरू करने के फैसले कोराज्य मंत्रिमंडल ने सिद्धांत : मान्यता दे दी है। इन परियोजनाओं की आर्थिक योजना को अंतिम रूप दियाजाएगा। मेट्रो के लिए लगने वाला 20 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार , 20 प्रतिशत राज्य सरकार , 20 प्रतिशत खर्चस्थानीय महानगरपालिका उठाएगी। बाकी पैसे डिवलेपर कर्ज लेकर जुटाएगा। इस आशय का प्रस्ताव जल्द हीकेंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मोहन जोशी ( कांग्रेस ) आदि के मूल प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि सभी बड़ीपरियोजनाओं तेजी की पूरी करने का सरकार का इरादा है

Monday, April 1, 2013

राष्ट्रपति से अपील है कि संजय दत्त को आत्मसमर्पण के लिए कम से कम छह महीने का समय दिया जा


1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त को सुनाई गई सजा की माफी की गुहार पर उठे विवाद के बाद अब उनके फिल्मी साथियों ने यह मांग उठाई है कि सरेंडर करने के लिए उन्हें कुछ महीनों की मोहलत दी जाए, ताकि वे अपनी अधूरी फिल्मों का काम पूरा कर सकें और फिल्म इंडस्ट्री करोड़ों रुपये की तबाही झेलने से बच जाए। मगर समर्थन के मसले पर फिल्म इंडस्ट्री में एकमत नहीं है। फिल्म क्राफ्ट से जुड़े 22 विविध संगठनों की शीर्ष संस्था 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' ने कमालिस्तान स्टूडियो में शनिवार को संजय दत्त के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उनके समर्थन में एक रैली का आयोजन किया, जिसमें में ढाई सौ लोगों ने भाग लिया। 

रैली का नेतृत्व फेडरेशन के महासचिव दिनेश चतुर्वेदी ने किया। मुन्नाभाई सिने कामगारों का प्यार देखकर द्रवित हो गए। महेश भट्ट तथा मान्यता दत्त भी वहां मौजूद थे। दिनेश चतुर्वेदी ने कहा कि संजय दत्त के जेल जाने से उनकी सात अधूरी फिल्मों का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा और निर्माताओं को होने वाले करोड़ों के नुकसान का खामियाजा अंतत: कामगारों को झेलना पड़ेगा। पारिश्रमिक के पैसे अटक जाने से उनके परिवार के समक्ष भुखमरी की नौबत आ जाएगी। 
फेडरेशन की राष्ट्रपति से अपील है कि संजय दत्त को आत्मसमर्पण के लिए कम से कम छह महीने का समय दिया जाए। मुन्नाभाई के मुद्दे पर भावी रणनीति तय करने के लिए फेडरेशन ने मंगलवार को जनरल काउंसिल की आपात बैठक बुलाने का मन बनाया है, मगर फेडरेशन से जुड़े कुछ संगठनों ने खुलकर इस कदम का कड़ा विरोध किया है। पार्श्वगायकों के संगठन 'सिने सिंगर्स असोसिएशन' तथा सिने संपादकों 'असोसिएशन ऑफ फिल्म ऐंड विडियो एडिटर्स' का कहना है कि संजय दत्त के प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति या नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। दोनों संगठनों ने कमालिस्तान में हुई रैली में भी हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।