अंगारिका चतुर्थी के मौके पर मंगलवार को प्रभा देवी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लग रहा था जैसे मुंबई की पूरी जनता सड़क पर उतर आई हो। अंगारिका के अवसर पर सिद्धिविनायक के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है इसलिए सोमवार की रात से ही श्रद्धालु मंदिर के समक्ष कतारबद्ध खड़े हो गए थे। जैसे-जैसे रात गहराती गई श्रद्धालुओं का रेला भी बढ़ता गया और सुबह तक मीलों लंबी कतार लग गई। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने गणपति के दर्शन के लिए रात पौने दो बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए थे। थोड़ी देर के लिए मंदिर के पट बंद किए गए, मगर आधे घंटे के बाद दोबारा कपाट खुलने पर लोगों की लाइन लग गई। भीड़ को देखते हुए बसों के रूट को भी बदला गया। साथ ही दादर से मंदिर तक लगातार श्रद्धालुओं को लाने ले जाने का सिलसिला जारी रहा। कुछ रास्तों को वनवे में भी बदला गया। मुम्बई के अलावा बाहर से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आए थे। मंदिर सूत्रों के अनुसार 10 लाख से भी अधिक लोगों ने सिद्धिविनायक के दर्शन किए। मंदिर परिसर के आसपास पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था। मंगलवार देर रात तक भक्तों द्वारा दर्शनों का सिलसिला जारी था।
Tuesday, May 12, 2009
मीरा-भयन्दर रोड पर लक्ष्मी पार्क के पास कई ऊंची-ऊंची इमारतें
मीरा-भयन्दर रोड पर लक्ष्मी पार्क के पास कई ऊंची-ऊंची इमारतें बन रही हैं। यहां की आबादी को देखते हुए सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। न सही सड़क है, न गटर, न बस की सुविधा। इस इलाके में मच्छरों से लोग इतने परेशान हैं कि कुछ कहा नहीं जा सकता। हमने इस बारे में कई बार लिखित और मौखिक कंप्लेंट भी की, पर कोई असर नहीं हुआ। यहां तक कि इन समस्याओं को टीवी पर भी दिखाया गया, लेकिन यहां के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगते। प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द से जल्द यहां की जनता की इन समस्याओं की ओर भी ध्यान दें।
Saturday, May 9, 2009
पाटिल राज के घर पहुंचे और राज के साथ करीब आधा घंटा रहे।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से
उनके मध्य मुंबई में मौजूद निवास पर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पाटिल राज के घर पहुंचे और राज के साथ करीब आधा घंटा रहे। पाटिल और एमएनएस के प्रवक्ता ने मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार कर दिया। एमएनएस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा है। इनमें से कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन होने की संभावना के बाद इस मुलाकात का महत्व बढ़ गया है।
उनके मध्य मुंबई में मौजूद निवास पर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पाटिल राज के घर पहुंचे और राज के साथ करीब आधा घंटा रहे। पाटिल और एमएनएस के प्रवक्ता ने मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार कर दिया। एमएनएस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा है। इनमें से कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन होने की संभावना के बाद इस मुलाकात का महत्व बढ़ गया है।
Friday, May 1, 2009
पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि वह विले पारले रेलवे क्रॉसिंग पर क्या करने गए थे।
पुलिस अनिल अंबानी के हेलिकॉप्टर से छेड़छाड़ के मामले के मुख्य गवाह भारत बोर्गे के फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि वह विले पारले रेलवे क्रॉसिंग पर क्या करने गए थे। एयरवर्क्स के साथ बतौर टेक्निशन काम कर रहे बोर्गे की मंगलवार को ट्रेन के नीचे कटकर मौत हो चुकी है। सरकारी रेलवे पुलिस कमिश्नर ए. के. शर्मा ने बताया कि अपने रोजमर्रा के रूटीन के मुताबिक बोर्गे भायंदर से ट्रेन लेते (जहां वह रहते थे) और सांताकूज उतरकर अपने ऑफिस जाते थे। पर घटना के दिन, लगता है कि बोर्गे विले पारले उतर गए और लेवल क्रॉसिंग की ओर पैदल ही चले गए। पुलिस अब उनके फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है कि वह कहां जा रहे थे और ट्रेन के नीचे कुचले जाने से पहले क्या किसी ने उनसे संपर्क किया था। एयरवर्क्स कंपनी अनिल अंबानी समूह के हेलिकॉप्टरों की देखरेख करती रही है और बोर्गे इसी कंपनी में टेक्निशन थे। उन्होंने ही सबसे पहले अनिल अंबानी के हेलिकॉप्टर के फ्यूल टैंक में पत्थर देखे थे। जीआरपी ने क्राइम ब्रांच के उन अफसरों से भी पूछताछ की है जिन्हें बोर्गे ने एक पत्र लिखा था और कहा था कि कथित तौर पर रिलायंस के कुछ अधिकारी उनसे मिले और उनका टेलिफोन नंबर लिया। शर्मा ने बताया कि हम जल्द ही क्राइम ब्रांच के अफसरों के भी बयान दर्ज करेंगे।
पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि वह विले पारले रेलवे क्रॉसिंग पर क्या करने गए थे।
पुलिस अनिल अंबानी के हेलिकॉप्टर से छेड़छाड़ के मामले के मुख्य गवाह भारत बोर्गे के फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि वह विले पारले रेलवे क्रॉसिंग पर क्या करने गए थे। एयरवर्क्स के साथ बतौर टेक्निशन काम कर रहे बोर्गे की मंगलवार को ट्रेन के नीचे कटकर मौत हो चुकी है। सरकारी रेलवे पुलिस कमिश्नर ए. के. शर्मा ने बताया कि अपने रोजमर्रा के रूटीन के मुताबिक बोर्गे भायंदर से ट्रेन लेते (जहां वह रहते थे) और सांताकूज उतरकर अपने ऑफिस जाते थे। पर घटना के दिन, लगता है कि बोर्गे विले पारले उतर गए और लेवल क्रॉसिंग की ओर पैदल ही चले गए। पुलिस अब उनके फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है कि वह कहां जा रहे थे और ट्रेन के नीचे कुचले जाने से पहले क्या किसी ने उनसे संपर्क किया था। एयरवर्क्स कंपनी अनिल अंबानी समूह के हेलिकॉप्टरों की देखरेख करती रही है और बोर्गे इसी कंपनी में टेक्निशन थे। उन्होंने ही सबसे पहले अनिल अंबानी के हेलिकॉप्टर के फ्यूल टैंक में पत्थर देखे थे। जीआरपी ने क्राइम ब्रांच के उन अफसरों से भी पूछताछ की है जिन्हें बोर्गे ने एक पत्र लिखा था और कहा था कि कथित तौर पर रिलायंस के कुछ अधिकारी उनसे मिले और उनका टेलिफोन नंबर लिया। शर्मा ने बताया कि हम जल्द ही क्राइम ब्रांच के अफसरों के भी बयान दर्ज करेंगे।
Tuesday, April 28, 2009
पत्नी की हत्या करने के जुर्म में पति को आजीवन कारावास की सजा
महानगर के एक सत्र न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने के जुर्म में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 9 साल की बेटी के बयान पर अदालत ने नौसेना अधिकारी उपेंद्र राय (35) को पत्नी वंदना (32) की हत्या के जुर्म में सजा सुनाई। राय ने 24 अक्टूबर, 2005 को पत्नी वंदना की हत्या कर दी थी। इस मामले में अभियोजन ने 14 लोगों के बयान लिए जिसमें राय की 9 साल की बेटी भी शामिल है। उसने बताया कि उसके पिता ने घर के भीतर उसकी मां को घसीटा और निर्दयता से हत्या कर दी। बिल्डिंग सुपरवाइजर ने कोलाबा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था। राय को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था।
Sunday, April 26, 2009
मशहूर फिल्म निर्माता बलदेव राज चोपड़ा का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद उनके आवास पर निधन हो गया।
मशहूर फिल्म निर्माता बलदेव राज चोपड़ा का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद उनके आवास पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनके फिल्म निर्माता पुत्र रवि चोपड़ा और दो पुत्रियां हैं। वह फिल्म निर्माता यश चोपड़ा के बड़े भाई थे। उनका अंतिम संस्कार जुहू श्मशान घाट पर शाम 4।30 बजे होगा। अविभाजित पंजाब में 22 अप्रैल 1914 को जन्मे चोपड़ा ने अपने करियर की शुरुआत एक फिल्म पत्रकार के रूप में की थी। यहीं से फिल्मों में उनकी रुचि जगी। विभाजन के बाद वह पहले दिल्ली गए और फिर वहीं से मुंबई आए। तस्वीरों में :
याद न जाए उन्होंने सिने हेराल्ड पत्रिका के लिए फिल्म समीक्षा लिखने और संपादन करने के साथ फिल्मी करियर की शुरुआत की। उन्होंने 1949 में एक फिल्म बनाई जो असफल रही। चोपड़ा ने 1951 में फिर से फिल्म के निर्माता - निर्देशक के रूप में किस्मत आजमाई और फिल्म ‘ अफसाना ’ बनाई। इस बार उनकी फिल्म बॉक्स आफिस पर मेगा हिट रही। बी . आर . चोपड़ा ने 1955 में अपना प्रोडक्शन हाउस बीआर फिल्म्स खोला और ' एक ही रास्ता ' (1956) फिल्म बनाई जो विधवा पुनर्विवाह पर आधारित थी। इसके बाद तो उन्होंने एक से एक सफल फिल्में दीं। उन्होंने अपने छोटे भाई यश चोपड़ा को धूल का फूल (1959) फिल्म में निर्देशन का पहला अवसर दिया। गायक महेंद्र कपूर के करियर को आगे बढ़ाने में बी . आर . चोपड़ा ने काफी सहायता की। टेलीविजन इतिहास के सबसे सफल धारावाहिकों में एक ' महाभारत ' के निर्माता बी . आर . चोपड़ा ही थे।
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