यूपीए की चेयरपर्सन और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार को बांद्रा-वर्ली सी लिंक का उद्घाटन करेंगी। गांधी इससे पहले मालेगांव में नवनिर्मित अस्पताल का उद्घाटन कर दोपहर बाद मुंबई आएंगी। बांद्रा साइड में शाम 4 बजे सी लिंक का उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर एक सार्वजनिक सभा भी होगी। सोनिया गांधी के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी सभा को संबोधित करेंगे। लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया और पवार की संयुक्त सभा को राजनीतिक नजरिये से भी देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता विलासराव देशमुख और बालासाहेब विखेपाटील लगातार मांग कर रहे हैं कि कांग्रेस को विधानसभा का चुनाव अलग लड़ना चाहिए अर्थात एनसीपी से गठबंधन न किया जाए। इस मांग के मद्देनजर सोनिया और पवार के एक मंच से होने वाले भाषण से गठबंधन की दिशा में कुछ संकेत मिलने की उम्मीद पार्टी कार्यकर्ताओं को है। वैसे पावर कह चुके हैं कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखना चाहती है लेकिन कांग्रेस यदि ऐसा नहीं चाहती है तो एनसीपी अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उद्घाटन के दौरान राज्यपाल एस सी जमीर, मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उपस्थित रहेंगे।
कांग्रेस ने सी लिंक को जनता के लिए खोलने का स्वागत किया है और आम लोगों तथा पर्यटनों के आकर्षण का केंद्र बनने वाले सी लिंक पर से बेस्ट की बसें भी चलाई जा रही हैं। बेस्ट बसों को टोल मुक्त कराने की मांग कांग्रेस ने की है और संभावना है कि सरकार इसे मान्यता दे देगी। बेस्ट बसों को टोल फ्री करने से बेस्ट के यात्रियों पर किराया के अतिरिक्त भार नहीं आएगा। सी लिंक को जनता के लिए खोलने की पूर्व संख्या पर इस पर रोशनी की गई और सतरंगी आतिशबाजी की गई।
Tuesday, June 30, 2009
Sunday, June 28, 2009
राज ठाकरे सोमवार को कल्याण की अदालत के सामने सरेंडर करेंगे।
बंबई हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के चीफ राज ठाकरे सोमवार को कल्याण की अदालत के सामने सरेंडर करेंगे। वह 2008 में हुए दंगों से जुड़े मामले में सरेंडर करेंगे, जिसमें रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने आए उत्तर भारतीयों पर हमला किया गया था। राज के वकील सयाजी नागरे ने बताया कि अदालत के सामने खुद को पेश करने के बाद वह एक आवेदन देकर कहेंगे कि वह सरेंडर कर रहे हैं। अदालत द्वारा उन्हें हिरासत में देने के बाद ठाकरे तुरंत जमानत अर्जी देंगे। हाई कोर्ट ने गत 16 जून को इसी मामले में निचली अदालत द्वारा ठाकरे को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था। हाई कोर्ट ने उनसे जून तक संबद्ध अदालत के सामने सरेंडर करने को कहा था। राज को दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में अपील की थी। राज्य सरकार के उस दावे को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि कल्याण की सत्र अदालत द्वारा राज को अग्रिम जमानत देना बेकार हो चुका है क्योंकि उन्हें रेलवे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हाई कोर्ट ने इसके बाद राज को निचली अदालत से मिली अंतरिम राहत को निरस्त कर दिया।
Tuesday, June 23, 2009
26 जून तक मॉनसून के जमकर बरसने की खबरें आने लगेंगी।
इस बरस मॉनसून का मिजाज कुछ बिगड़ता दिखा है, लेकिन अब उम्मीद बंधी है कि ज्यादा दिन नहीं, बस शुक्रवार यानी 26 जून तक मॉनसून के जमकर बरसने की खबरें आने लगेंगी। दिल्ली में यह जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंच जाएगा। गर्मी से बेहाल लोगों को यह उम्मीद दिलाई हैं मौसम विभाग ने। प्लानिंग कमिशन ने भी दिल को तसल्ली देने वाली बात कही है कि मॉनसून की देरी का असर देश की इकॉनमी पर ज्यादा नहीं पड़ने वाला। दरअसल, यूएन के मौसम विभाग ने अल नीनो की आशंका जताते हुए कहा है कि सामान्य से बेहद कम बारिश होने की वजह से खेती पर काफी असर पड़ सकता है। प्लानिंग कमिशन के डिप्टी चेयरमैन मोंटेक सिंह ने इसके जवाब में भरोसा दिलाया है कि मॉनसून के आने में कुछ हफ्तों की देरी से निपटने के पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं, इसलिए इकॉनमी पर खास असर नहीं पड़ेगा। मौसम विभाग के पिछले हफ्ते के आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून में सामान्य से 51 पर्सेंट बारिश कम हुई है। लेकिन अब इंडियन मेट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल अजीत त्यागी का कहना है कि मॉनसून भले ही कुछ देर से आएगा लेकिन आते ही छा जाएगा। मुंबई में मॉनसून ने दस्तक दे दी है और शुक्रवार तक पूरे महाराष्ट्र, आंध्र और कर्नाटक में इसके जोर पकड़ने की उम्मीद है। त्यागी कहते हैं कि घबराने की बात इसलिए नहीं है, क्योंकि मॉनसून के आने में 10 दिन की देरी का अनुमान लगाकर ही सरकार ने प्लानिंग की हुई है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ए. मजूमदार बताते हैं कि कई बार ऐसा हुआ है, जब जून में मॉनसून खराब रहा, लेकिन बाद में तेजी पकड़ने से सामान्य या इससे कहीं अच्छा हो गया। 1926 के जून में 48 पर्सेंट कम बारिश हुई, लेकिन बाद में कुल 107 पर्सेंट रेकॉर्ड रही जो सामान्य से ज्यादा है। गौरतलब है कि बारिश पर खरीफ की 65 पर्सेंट खेती निर्भर करती है, जिस पर अधिकतर किसान चावल, सोयाबीन और मूंगफली पैदा करते हैं। किसानों ने बीज बोने के लिए खेत तो तैयार कर लिए थे, लेकिन बारिश में देरी की वजह से कई इलाकों में बीज नहीं बोया गया है। पिछले साल इस वक्त तक 60 पर्सेंट इलाकों में बीज बोया जा चुका था, जबकि इस साल 6.5 पर्सेंट ही बीज बोया गया। अगर मॉनसून आने में और देरी हुई तो कुल पैदावार में असर पड़ सकता है। इस साल महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, झारखंड, आंध्र जैसे राज्यों में औसतन 80 पर्सेंट कम बारिश हुई है। भू विज्ञान मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के मुताबिक पीएम ऑफिस मॉनसून पर नजर रखे हुए है। केंद्रीय कैबिनेट ने मॉनसून में देरी से होने वाले असर का जायजा लेने के लिए सचिवों की एक कमिटी बनाई है, जो शुक्रवार को उन राज्यों के कृषि सचिवों के साथ बैठक करेंगे, जहां बारिश नहीं हुई है या कम हुई है।
Sunday, June 21, 2009
राज्य सरकार लोगों को सस्ती कीमतों पर घर (अफोर्डेबल हाउसिंग) उपलब्ध कराने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है,
एक तरफ जहां राज्य के शहरों में बसे 2000 तक के झोपड़ों को रेगुलराइज करने का फरमान जारी किया है , तो वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार लोगों को सस्ती कीमतों पर घर (अफोर्डेबल हाउसिंग) उपलब्ध कराने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है, जिसके लिए बडे़ पैमाने पर हाउसिंग सर्वे कराने का काम शुरू है। सरकारी सूत्रों की माने तो राज्य के कई बड़े शहरों में ऐसे सर्वे के अमल में लाने के बाद काफी हद तक घरों की समस्या का समाधान हो जाएगा। हाउसिंग डिपार्टमेंट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इन बड़े शहरों में सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि अमुक शहरों में वास्तव में कितने अफोर्डेबल घरों की जरूरत है और फिर उसी के अनुसार आगे का काम आगे बढ़ाया जाएगा। सर्वे का काम शुरू है और इसी साल दिसंबर तक इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। इसके लिए मुम्बई के अलावा पुणे, नागपुर, नाशिक, औरंगाबाद और अमरावती जैसे हर शहरों के दो क्षेत्रों का चुनाव किया जाएगा। ऐसा अनुमान है कि सर्वे में पहले उन एरिया का चुनाव होगा जहां सस्ते घरों का निर्माण होगा और जहां पर सस्ते रेट पर लैंड उपलब्ध हो। इसके बाद इस सर्वे में इस तथ्य पर भी गंभीरतापूर्वक विचार होगा कि किन-किन जगहों पर स्थाई घर और किन-किन जगहों पर किराए वाले घर (रेंटल हाउसिंग) उपलब्ध कराए जा सकेंगे। रिपोर्ट के अंतिम हिस्से में घरों की कीमत, उनके एरिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों का समावेश होगा।
Friday, June 19, 2009
पुलिस के अनुसार अब कार गडकरी की नहीं,
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी की कार में एक बच्ची की हत्या के केस में गुरुवार को
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी की कार में एक बच्ची की हत्या के केस में गुरुवार को पुलिस ने हाई कोर्ट को बताया कि कार किसी और की थी। जजों ने मामले की जांच में कोताही के लिए पुलिस की खिंचाई की। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस कार में योगिता नामक बच्ची का शव पाया गया, उसके मालिक पूर्ति शुगर फैक्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर दीवे हैं, न कि नीतिन गडकरी। दीवे गडकरी के करीबी सहयोगी हैं। हाई कोर्ट ने पूछा कि इस बारे में कार के मालिक का बयान तुरंत क्यों नहीं दर्ज किया गया। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि कार मालिक दिल्ली में थे। बेंच ने कहा, इसका मतलब यह नहीं कि उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सकता था। जांच अधिकारी को दीवे को नोटिस जारी करना चाहिए था। लेकिन कोर्ट के निर्देश के बावजूद बयान दर्ज करने में यह देरी क्यों हुई? बेंच ने पुलिस से 29 जून तक जांच पूरी करने को कहा और अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख मुकर्रर की।
बेंच ने कहा कि ड्राइवर मनोहर पनसे ने पहले कहा था कि कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा था। अगर सिस्टम काम नहीं कर रहा था तो इससे दरवाजा कैसे खुल या बंद हो सकता था। ऐसे में यह हाथों से ही संभव है। पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि 20 मई को लड़की की मां ने एसयूवी गाड़ी और उसके नंबर की पहचान की थी, लेकिन बाद में जांच के दौरान गाड़ी का नंबर और उसका मेक बदल दिया गया।
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी की कार में एक बच्ची की हत्या के केस में गुरुवार को पुलिस ने हाई कोर्ट को बताया कि कार किसी और की थी। जजों ने मामले की जांच में कोताही के लिए पुलिस की खिंचाई की। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस कार में योगिता नामक बच्ची का शव पाया गया, उसके मालिक पूर्ति शुगर फैक्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर दीवे हैं, न कि नीतिन गडकरी। दीवे गडकरी के करीबी सहयोगी हैं। हाई कोर्ट ने पूछा कि इस बारे में कार के मालिक का बयान तुरंत क्यों नहीं दर्ज किया गया। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि कार मालिक दिल्ली में थे। बेंच ने कहा, इसका मतलब यह नहीं कि उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सकता था। जांच अधिकारी को दीवे को नोटिस जारी करना चाहिए था। लेकिन कोर्ट के निर्देश के बावजूद बयान दर्ज करने में यह देरी क्यों हुई? बेंच ने पुलिस से 29 जून तक जांच पूरी करने को कहा और अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख मुकर्रर की।
बेंच ने कहा कि ड्राइवर मनोहर पनसे ने पहले कहा था कि कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा था। अगर सिस्टम काम नहीं कर रहा था तो इससे दरवाजा कैसे खुल या बंद हो सकता था। ऐसे में यह हाथों से ही संभव है। पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि 20 मई को लड़की की मां ने एसयूवी गाड़ी और उसके नंबर की पहचान की थी, लेकिन बाद में जांच के दौरान गाड़ी का नंबर और उसका मेक बदल दिया गया।
Tuesday, June 16, 2009
महाराष्ट्र सरकार ने टीवी सीरियल में काम करने वाले बच्चों को बाल कलाकार मानने से साफ इंकार कर दिया था
महाराष्ट्र सरकार ने कथित तौर पर बाल कलाकारों से काम करवाने के सिलसिले में बाल श्रम कानून के तहत पांच टेलीविजन प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रदेश के श्रम मंत्री नवाब मलिक ने कहा, 'इस संबंध में अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला दर्ज किया गया है।' जिन प्रॉडक्शन हाउस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें मीनाक्षी सागर (धारावाहिक जय श्री कृष्ण), स्फेयर आरिजिन्स (बालिका वधू), हैट्स ऑफ (जस्सूबेन जोशी की जॉइंट फैमिली), फिल्म फार्म (उतरन), साई बाबा फिल्म्स (चक दे बच्चे) शामिल हैं। दोषी पाए जाने पर इन्हें 10,000 रुपए का जुर्माना या छह महीने की कैद हो सकती है या दोनों ही सजा हो सकती है। यह मामला जुडिशल मैजिस्ट्रेट के पास दर्ज कराया जाएगा। इन प्रॉडक्शन हाउस ने कथित तौर पर बाल श्रम (रोकथाम और नियमन) कानून 1986 का उल्लंघन किया है। श्रम मंत्रालय ने पिछले वर्ष दिसंबर में इन निर्माताओं को नोटिस भेज कर बाल कलाकारों की कार्य अवधि और काम करने की दशा के बारे में जानकारी मांगी थी। उल्लेखनीय है महाराष्ट्र सरकार ने टीवी सीरियल में काम करने वाले बच्चों को बाल कलाकार मानने से साफ इंकार कर दिया था और उन निर्माताओं के विरुद्ध बाल मजदूर अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। शीतकालीन अधिवेशन के समय ही महाराष्ट्र सरकार के कामगार मंत्रालय की ओर से टीवी सीरियलों के निर्माताओं को इस संबंध में नोटिस भेजी थी। तब किसी भी टीवी सीरियल निर्माता ने सरकार के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया था। ताजा सत्र में यह मुद्दा फिर गूंजा और सरकार ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
Monday, June 15, 2009
शाइनी आहूजा को अपनी नौकरानी के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
दर्जन भर फिल्मों में काम कर चुके बॉलिवुड ऐक्टर शाइनी आहूजा को अपनी नौकरानी के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने नौकरानी की शिकायत पर रविवार देर रात ही उन्हें हिरासत में लिया था , पर सुबह मेडिकल में रेप की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बताया जा रहा है कि शाइनी ने नौकरानी के साथ सेक्स करने की बात कबूल की है , लेकिन उनका कहना है कि यह दोनों लोगों की सहमति से हुआ।
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