Tuesday, February 17, 2009

श्रीराम सेना से मुंबई की लडकियां परेशान

श्रीराम सेना 'पिंक चड्डी' कैंपेन से बौखला गई है। मुंबई में श्रीराम सेना के
वर्कर्स इस कैंपेन में हिस्सा लेने वाली लड़कियों को धमकी भरे फोन कर रहे हैं। मुंबई में लड़कियों के एक ग्रुप ने 'पिंक चड्डी' कैंपेन में भाग लिया था। उन्होंने श्रीराम सेना को कुरियर भेजे थे। ये लड़कियां मीडिया और सॉफ्टवेयर प्रफेशनल हैं। कुरियर भेजने के एक दिन बाद ही उनको फोन पर धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। लड़कियों का आरोप है कि ये धमकियां श्रीराम सेना के वर्कर्स दे रहे हैं। पहचान उजागर न करने की शर्त पर एक लड़की ने बताया कि उसने कुरियर में अपना नंबर भी लिख दिया था। इसके बाद से उसे उस नंबर पर लगातार धमकियां मिल रही हैं।
परेशान लड़कियों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। एक लड़की ने बताया कि जब हम पुलिस स्टेशन में थे, तब भी हमें एक धमकी भरा फोन आया था। जिसे हमने पुलिस ऑफिसर को भी सुनाया। उन्होंने बताया कि फोन पर धमकी के साथ उनके साथ गाली-गलौच भी की जाती है। लड़कियों ने बताया कि फोन अलग-अलग नंबरों से आते हैं। जिसमें उनसे सवाल किया जाता है, 'क्या आपने श्रीराम सेना के ऑफिस में पार्सल भेजा था?' लड़कियों ने इस कैंपेन को शुरू करने वाली निशा सुसान से भी बात की। सुसान ने कहा कि मैंने लड़कियों से कहा है कि वह कॉल करने वाले का नंबर नोट करें और यदि कॉल आनी बंद नहीं हो तो तुरंत पुलिस की मदद लें। सुसान ने बताया कि उनको भी कई धमकी भरे फोन और अश्लील एसएमएस आ रहे हैं। उधर, कुछ लड़कियों का कहना है कि उन्हें डर है कि उनके नंबर कहीं आपत्तिजनक साइट्स पर न डाल दिए गए हों? उधर, गृह राज्य मंत्री नितिन राउत ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी घटना के बारे में पता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कुछ है, तो वह लड़कियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएंगे।

Saturday, February 14, 2009

वैलंटाइन डे, मुंबईकरों केलिए खबर, १८ वर्ष के ऊपर की स्टूडॅण्ट के साथ सेक्स अमेरिकी कानून में वाजिब,

वैलंटाइन डे, मुंबईकरों केलिए खबर, १८ वर्ष के ऊपर की स्टूडॅण्ट के साथ सेक्स अमेरिकी कानून में वाजिब, दोस्त कर सकते है मस्ती
हेडिंग को देखकर चौंक गए ना आप ! लेकिन एक अमेरिकी कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान
कुछ यही मिसाल दी। कोर्ट ने माना कि अमेरिकी कानून के मुताबिक स्टूडंट की रजामंदी से उसके साथ सेक्स में कुछ भी गलत नहीं है, बशर्ते उसकी उम्र 18 साल से ऊपर हो। वॉशिंगटन के एक हाई स्कूल के टीचर मैथ्यू पर अपने नाबालिग स्टूडंट के साथ 2006 में दुराचार का आरोप था। उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की थी कि इस मामले को खारिज कर दिया जाए। उनका तर्क था कि उस वक्त स्टूडंट की उम्र 18 साल थी। यानि वह बालिग थी। वॉशिंगटन कोर्ट के तीन सदस्यीय पैनल ने फैसला मैथ्यू के पक्ष में दिया और मामले को खारिज कर दिया। पैनल ने माना कि यह मामला ' नाबालिग से दुराचार ' के तहत नहीं आता। क्योंकि मामला आपराधिक तभी बनता है जब स्टूडंट की उम्र 16 या 17 साल होती। मैथ्यू के अटॉर्नी रॉब हिल ने कहा कि कानून के मुताबिक 18 साल से अधिक उम्र के स्टूडंट को नाबालिग नहीं कहा जा सकता।

Monday, February 9, 2009

मुंबई हमलों के जिम्मेदार साजिशकर्ताओं के खिलाफ पाक में मुकदमा



मुंबई हमलों के जिम्मेदार साजिशकर्ताओं के खिलाफ पाक में मुकदमा

पाकिस्तान में मुंबई आतंकी हमलों की अपनी बहुचर्चित जांच पूरी की जा चुकी है। इस जांच की रिपोर्ट तैयार है और पाक सरकार इस रिपोर्ट की सिफारिशों के मुताबिक पांच लोगों के खिलाफ केस दाखिल करने की तैयारी में है। यह बात पाकिस्तान के एक समाचार चैनल जियो टीवी की एक रिपोर्ट में बताई गई है। जियो टीवी के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई हमलों की साजिश पाकिस्तान के बाहर रची गई। इसके मुताबिक अजमल कसब सहित 5 पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान भारत सरकार से यह औपचारिक अनुरोध करने वाला है कि उसे एकमात्र जीवित बचे मुंबई हमलों के आतंकी कसब से पूछताछ करने दे।
प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शुक्रवार को कहा था कि मुंबई हमलों की रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार को सार्वजनिक की जाएगी।

Saturday, February 7, 2009

वैसे वैलंटाइंस डे भी नजदीक आ पहुंचा है।

पब कल्चर का मुद्दा आजकल खूब गरमाया हुआ है। कुछ लोगों को लगता है कि पब कल्चर युवाओं को बर्बाद कर रहा है , लेकिन एक बड़ा तबका इसके उलट सोचता है। केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने तो युवाओं को 'पब भरो' आंदोलन चलाने का संदेश भी दे दिया है। मतलब यह कि वे घर से ज्यादा से ज्यादा संख्या में निकलें और पब में चले जाएं। वहां उन्हें क्या करना है, यह तो उन्हें मालूम है ही। युवा वर्ग की भावनाओं के सम्मान की ऐसी मिसाल शायद ही कोई और हो। वैसे वैलंटाइंस डे भी नजदीक आ पहुंचा है। रेणुका जी इस मौके पर युवाओं के लिए बहुत कुछ कर सकती हैं। यदि उस दिन पब में कुछ छूट दिला दी जाए, तो निश्चित रूप से वहां भीड़ उमड़ेगी -अपने वैलंटाइन को पा लेने वालों की भी और टूटे दिल वालों की भी। लेकिन तब भी कुछ नौजवान यह शिकायत कर सकते हैं कि पब में वे जाएं तो किसके साथ? उनका या उनकी कोई मित्र नहीं। रेणुका जी सरकार की ओर से इस पावन अवसर पर मित्रता के बंधन में बंधने वालों के लिए प्रोत्साहन पैकिज की घोषणा करवा सकती हैं। लेकिन रेणुका चौधरी से भी आगे निकलने को बेताब हैं श्रीराम सेना के सुप्रीमो प्रमोद मुतालिक। युवाओं के लिए उनके दिल में भी अपार प्यार उमड़ रहा है, पर अपनी बात को वह जरा उलटे ढंग से कहते हैं। वैसे भी प्यार में बात को घुमा फिराकर कहने का चलन है। उसमें 'हां' के लिए कई बार 'ना' का इस्तेमाल होता है। इसलिए मुतालिक फरमाते हैं कि वह वैलंटाइंस डे के खिलाफ तो हैं, लेकिन उनके विरोध का तरीका थोड़ा अलग है। उस दिन श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं को जहां कोई जोड़ा दिखेगा, वे झट उसकी शादी करवा देंगे। अब युवाओं के हित में इससे ज्यादा कोई और क्या कर सकता है। ऐसे समय में जब प्रेमियों की शादी में दस तरह के झमेले आ रहे हों, श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं की योजना बेहद महत्वपूर्ण है। बिना किसी खर्च, तामझाम और चख-चख के जोड़े विवाह बंधन में बंध जाएंगे। न मां-बाप को मनाने की कवायद, न कोर्ट-कचहरी का चक्कर, न बैंक्विट हॉल के लिए मारामारी। श्रीराम सेना वाले तो दोनों हाथों से पुण्य बटोरने की तैयारी कर रहे हैं। अब रेणुका चौधरी या मुतालिक भले ही एक-दूसरे के विरोध में खड़े होकर यह कदम उठा रहे हों, पर नौजवानों के तो दोनों हाथों में लड्डू हैं। वैसे भी मानव सभ्यता का अब तक इतिहास बताता है कि दुनिया की कोई ताकत युवा मन की उड़ान को नहीं रोक पाई।

Thursday, February 5, 2009

एम एन एस पर हफता वसूली के आरोप

एम एन एस पर हफता वसूली के आरोप
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS ) के तालुका प्रमुख अतुल पाटील को एक कंपनी से हफ्ता वसूली के आरोप में उनके साथियों समेत उरण पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी को कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार उरण के खोपटा में कंटेनर यार्ड नामक कंपनी है। इस कंपनी के डाइरेक्टर राघव रेड्डी, मैनिजर अजय म्हापसेकर तथा कंपनी के मजदूरों जिनमें अधिकांश उत्तर भारतीय हैं के साथ अतुल पाटील व उनके साथियों ने मारपीट की। इतना उन्हें उनसे 50 हजार रुपये देने को भी कहा गया। हफ्ता न देने पर अतुल पाटील ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। घबराए रेड्डी व म्हापसेकर ने उरण पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों के अनुसार 8 फरवरी को अतुल ने उरण कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया है। इसमें बाला नांदगांवकर, शिरीष पारकर व संजय धाडी नामक MNS नेताओं को बुलाया गया है। इस शिविर के आयोजन के लिए ही हफ्ता मांगने की खबर है।

Tuesday, February 3, 2009

एमएनएस कार्यकर्ता अब भोजपुरी फिल्मों में रोजगार ढूंढते नजर आ रहे हैं।

अगर आप किसी को हरा नहीं सकते तो उसके साथ हो लीजिए। शायद अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस), ठाणे के कार्यकर्ता इसी रणनीति के पर चल रहे हैं। महाराष्ट्र में रह रहे बिहार-यूपी के लोगों का विरोध करने वाले एमएनएस कार्यकर्ता अब भोजपुरी फिल्मों में रोजगार ढूंढते नजर आ रहे हैं। ठाणे के एमएनएस कार्यकर्ताओं ने करीब एक सप्ताह पहले भोजपुरी फिल्म निर्माता अमन कोइरी से मिलकर उनसे अपनी आने वाली नई फिल्म ' मनवा के चांद ' में बतौर ऐक्टर काम देने की मांग की। इस बाबत अमन कोइरी ने बताया कि एमएनएस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें इस फिल्म के लिए यूपी और बिहार से लोगों को लाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। एमएनएस कार्यकर्ताओं की इस चेतावनी और ऑफर के बाद अमन ने उनसे पूछा कि बिना भोजपुरी जाने उन्हें वह भोजपुरी फिल्म में कैसे ले सकते हैं ? अमन ने कहा कि वह अपनी फिल्म में उन्हें ही काम का मौका दे सकते हैं, जो भोजपुरी जानते हैं। उन्होंने कहा कि बिना भोजपुरी भाषा के सही उच्चारण के मैं कैसे अपनी फिल्म के साथ दर्शकों को जोड़ पाउंगा। इस पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर वह अपनी फिल्म में उन्हें काम का आश्वासन दें, तो वह भोजपुरी भाषा सीख लेंगे। काम का आश्वासन मिलने के बाद 5 एमएनएस कार्यकर्ता अब भोजपुरी सीखने के लिए मास्टर की तलाश में हैं। अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सिने वर्कर्स असोसिएशन से जुड़े मंगेश झाडे, रवि महात्रे, संजय गयकवाड, छोटू लिमजे, और उल्का कोमलकर डेली 4-5 घंटे भोजपुरी बोलने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। अगले महीने से उत्तर प्रदेश में लखनऊ के पास सुल्तानपुर में इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाएगी। इसके अलावा इस फिल्म के दो आइटम सॉन्ग भी मुंबई में फिल्माए जाएंगे।

Sunday, February 1, 2009

ग्लोबल मंदी से मुंबईकर परेशान,

मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है, ग्लोबन मदी आम मुंबईकर चिंता का विषय है

ग्लोबल मंदी की वजह से 2009 में रोजाना हजारों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। जनवरी में दुनियाभर में रोजाना औसतन 9,000 लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। इस तरह इस साल जनवरी में जॉब गंवाने वाले एंप्लॉयीज की तादाद 2,77,000 को पार कर गई है। गौरतलब है कि 26 जनवरी को ही अमेरिका में 80,000 को नौकरी से निकाला गया था। जॉब कट इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर फार्मा तक तमाम सेक्टरों में बदस्तूर जारी है। इस साल अब तक कंस्ट्रक्शन मशीनरी बनाने वाली कंपनी केटरपिलर, जापानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एनईसी और फार्मा कंपनी फाइजर 20,000 जॉब कट का ऐलान कर चुकी है। आने वाले दिनों में प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फिलिप्स और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी आईएनजी मिलकर 13,000 लोगों को हटाने की तैयारी में हैं। अमेरिकन इलेक्ट्रॉनिक्स रीटेलर सर्किट सिटी द्वारा 30,000 एंप्लॉयीज को निकाले जाने की आशंका है। टाटा के स्वामित्व वाली ब्रिटेन की स्टील कंपनी कोरस भी अपने कर्मचारियों की संख्या 3,500 तक घटाएगी। इसके अलावा जिन कंपनियों की जॉब कटौती की योजना है, उनमें मोटरोला, फोर्ड मोटर, हार्ले डेविसन, कोटक, एरिक्सन आदि शामिल हैं।